कांगड़ा। क्या प्रदेश में विकास होना चाहिए या नहीं, न्यूज जंक्शन का पहला सवाल ये प्रदेश की समूची जनता से है। गग्गल एयरपोर्ट के विस्तार के लिए जमीन की जरूरत है क्या लोगों को विकास की खातिर अपनी जमीन नहीं देनी चाहिए। हमें लगता है कि जरूर देनी चाहिए। पूरे प्रदेश को विरोध करने वाली इन चार पंचायतों के लोगों से बात करनी चाहिए और उन्हें समझाना चाहिए, लेकिन बदले में सरकार को उन सभी लोगों को उचित मुआवजा और विस्थापन का इंतजाम भी करना चाहिए जिनकी जमीन, दुकान और घर का अधिग्रहण कर रहे हैं।

दरअसल प्रशासन ने पंचायतों के भारी विरोध और गग्गल बाजार के दुकानदारों के भारी विरोध के बीच गग्गल हवाई अड्डे के विस्तारीकरण के लिए जमीन की निशानदेही का काम पूरा कर लिया है। कांगड़ा डीसी राकेश कुमार प्रजापति ने जानकारी देते हुए बताया कि राजस्व विभाग ने किसकी जमीन प्रस्तावित हवाई अड्डे के दायरे में आएगी इसका काम लगभग पूरा कर लिया गया है।

डीसी राकेश कुमार प्रजापति ने कहा कि किसकी कितनी जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा इसके बारे में भी जल्द ही जानकारी सार्वजनिक कर दी जाएगी। आपको बता दें कि हवाई अड्डे के विस्तार के लिए पूरा गग्गल बाजार और चार पंचायतें रछयालू, इच्छी, साहौड़ा और गग्गल की जमीन इसमें आएगी।

गग्गल हवाई अड्डे के नए मास्टर प्लान में 3010 मीटर लंबा औऱ 45 मीटर चौड़ा रनवे प्रस्तावित है। ये प्रदेश का पहला ऐसा एयरपोर्ट होगा जो टर्मिनल आधारित होगा। अगर किसी प्लेन में खराबी आती है तो सर्विस ब्लॉक बनाया जाएगा, जिसमें जहाज को ठीक किया जाएगा। यहां एयरपोर्ट कर्मचारियों के लिए क्वार्टर भी बनेंगे। नए मास्टर प्लान के तहत 396.05 एकड़ जमीन को जोड़ा जाएगा। जबकि एयरपोर्ट के लिए 552 एकड़ भूमि की जरूरत रहेगी।