पाकिस्तान के कराची में जहरीली गैस लीक होने से दो दिन में 14 लोगों की मौत हो गई। सिंध प्रांत के स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी देते हुए कहा कि ये कौन सी गैस है इसके बारे में पता लगाया जा रहा है। अभी तक शवों का पोस्टमार्टम भी नहीं किया गया है।

सिंघ प्रांत के नगरपालिका मंत्री नासिर हुसैन शाह ने बताया कि अब तक 250 लोग इस गैस की चपेट में आ चुके हैं। फिलहाल कराची यूनिवर्सिटी की लैब और पीसीएसआईआर में नमूनों की जांच की जा रही है। वहीं कैमारी इलाक़े के लोगों ने सांस लेने में दिक्कत, आंखों, गले और नाक में जलन और आंख से पानी आने की शिकायत की है। जबिक लोगों ने बताया कि रविवार रात से अचानक दिक्कतें शुरू हुईं और उन्होंने अस्पताल जाना शुरू किया।

सिंध की आपदा प्रबंधन अथॉरटी के एमडी कमांडर सलमान अहमद का कहना है कि ये गैस कैमारी इलाक़े में रिस रही है। उन्होंने बताया कि कैमारी इलाक़े की हवा में नाइट्रेट ऑक्साइड और नाइट्रोजन डाइ ऑक्साइड की तादाद ज़्यादा थी। उन्होंने बताया कि बाकी सब मानक ठीक थे। कराची बंदरगाह के अंदर और बाहर से पानी, धूल और मिट्टी के नमूने लिए गए हैं। ये नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। सलमान ने बताया कि प्रभावित लोगों के ख़ून के नमूने भी लिए गए हैं। इन सब की जांच रिपोर्टों को साथ मिलाकर देखने पर ही किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकेगा।

जिन्ना अस्पताल की डॉक्टर सिमी जमाली ने बताया कि उनके पास 35 मरीज लाए गए हैं जिन में से सिर्फ़ एक की हालत गंभीर है जो वेंटीलेटर पर है। डॉक्टर ने बताया कि गैस से प्रभावित सभी लोग सांस लेने में दिक्कत की शिकायत कर रहे थे। जिसके चलते प्रभावित लोगों के एक्सरे भी कराए गए लेकिन कुछ नज़र नहीं आया। उन्होंने ये भी बताया कि मरीज़ों ने गैस की किसी तरह की बदबू की शिकायत नहीं की है।