शिमला। जयराम सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना से युवाओं को भरपूर लाभ मिल रहा है। 25 मई 2018 को सीएम जयराम ने इस योजना को शुरू करने की घोषणा की थी। दिसंबर 2019 तक के आंकड़े के अनुसार अभी तक 3556 आवेदनों को स्वीकृति दी जा चुकी है। इतना ही नहीं एक साल में जयराम सरकार ने 17 करोड़ 70 लाख रुपये का अनुदान भी दिया है। अभी तक 954 ईकाईयां शुरू हो चुकी हैं।

सबसे पहले समझिए क्या है मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना

हिमाचल में औद्योगिक विकास बढ़ाने और स्वरोजगार के अवसर पैदा करने के लिए मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना शुरू की गई। योजना के तहत 40 लाख के ऋण पर 25 फीसदी से 30 फीसदी की दर से पूंजी अनुदान दिया जा रहा है। बैंक लोन पर पांच फीसदी की दर से तीन साल के लिए ब्याज अनुदान मिलेगा। निजी भूमि क्रय यानि खरीदने पर स्टांप ड्यूटी की दर केवल तीन फीसदी रहेगी। उद्योग की स्थापना के लिए औद्योगिक क्षेत्रों/बस्तियों में 25 फीसदी की दर से भूमि आवंटन होगा। योजना के तहत युवा अपनी रुचि, हुनर, निवेश क्षमता, तकनीकी ज्ञान, अनुभव और मार्केटिंग संभावना के आधार पर यह तय कर सकेंगे कि क्या व्यवसाय शुरू करना है।

25 मई 2018 को सीएम जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना शुरू करने की घोषणा की थी। ये योजना शुरू होने के बाद सरकार ने इसका दायरा भी बढ़ा दिया। पहले इस योजना के तहत लोन लेने वालों की उम्र 35 साल थी। आयु बढ़ाने के बाद 45 साल वाले लोग भी सब्सिडी पर लोन ले पा रहे हैं। इससे लाखों लोगों को लाभ मिल रहा है। इस योजना के तहत 40 लाख के लोन पर 25 फीसदी से 30 फीसदी की दर से पूंजी अनुदान दिया जा रहा है।

क्यों खास है ये योजना

  • रोजगार की तलाश में भटकते युवाओं को अपनी योग्यता के अनुसार रोजगार नहीं मिल पाता या कई बार तो सम्भावना ही नहीं बनती, लेकिन यदि वो अपना ध्यान स्व-रोजगार की तरफ लगायें तो जॉब की कमी को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इस प्रोजेक्ट को लागू करने के साथ ही राज्य के युवाओं को अपना बिजनेस सेट करने में बहुत सहायता मिल रही है।
  • राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं को स्व-रोजगार के लिए प्रेरित किया जा सके और वो अपना व्यवसाय शुरू करने में रूचि दिखाएं। यदि कोई सेल्फ-एम्प्लॉयेड व्यक्ति जमीन चाहे तो वो इसके लिए सरकार की मदद ले सकता है यदि उसे हि.प्र.सरकार का अनुमोदन मिल जाता है और वो सरकारी जमीन को किराए के तौर पर लेना चाहे तो राज्य सरकार उस जमीन के वास्तविक रेट का केवल 1 % तक ही चार्ज करेगी।
  • युवाओं को स्व-रोजगार स्कीम में ज्यादा से ज्यादा भाग लेने के लिए प्रेरित करने के लिए सरकार उनके द्वारा भरी जाने वाली स्टाम्प के राशि को भी कम करेगी। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत यदि कोई जमीन खरीदना चाहे तो 6% की जगह 3% तक की स्टाम्प ड्यूटी ही देनी होगी।
  • विशेष उम्र के प्रतिभागियों के लिए– हिमाचल प्रदेश का कोई भी मूल निवासी जिसकी उम्र 18 से 35 वर्ष के बीच है वो इस रोजगार योजना में आवेदन कर सकता है।
  • यदि कोई व्यक्ति एंटरप्रेन्योर अपना बिजनेस शुरू करना चाहता है और इसके लिए वो 40 लाख तक का इन्वेस्टमेंट करना चाहता है तो उसे सरकार की तरफ से मशीनरी कॉस्ट पर विशेष सब्सिडी दी जायेगी ये सब्सिडी 25 % तक उपलब्ध होगी।
  • यदि कोई महिला कैंडिडेट अपना बिजनेस शुरू करना चाहती है तो सरकार उसकी खरीद की आवश्यकता के अनुसार कॉस्ट मशीनरी पर 30% तक की सब्सिडी प्रदान करेगा, हालांकि उसका इन्वेस्टमेंट 40 लाख से कम नहीं होना चाहिए।

क्रेडिट पर इंटरेस्ट सब्सिडी

इंट्रेस्टेड कैंडिडेट जो अपना बिजनेस सेट करना चाहते हैं उनके लिए भी लोन उपलब्ध होगा। यदि कोई अभ्यर्थी 40 लाख के मार्जिन तक का लोन लेता है तो उसे लोन के इंटरेस्ट पर 5 % तक की सब्सिडी भी मिलेगी। यह 5 वर्ष तक के लिए दी जाएगी। इच्छुक अभ्यर्थी हिमाचल प्रदेश के अधिकारिक पोर्टल के द्वारा अप्लाई कर सकते हैं।

  • इस योजना के अंतर्गत युवाओं को नए अवसर और रोजगार देने के लिए हिमाचल प्रदेश की राज्य सरकार ने 80 करोड़ का बजट आवंटित करने की घोषणा की थी। यदि और ज्यादा फण्ड की जरूरत हुयी तो इसके लिए आवंटित राशि को बढाया भी जा सकता है।