नई दिल्ली। दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में भड़की हिंसा में 7 लोगों की मौत हो गई। जिसमें दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल भी शहीद हो गए। शहीद रतन लाल मूल रूप से राजस्थान के सीकर जिले के रहने वाले थे और वर्तमान में गोकुलपुर सब डिवीजन के एसीपी अनुज के ऑफिस में तैनाती थी।

सोमवार को रतन लाल को बुखार था इसके बावजूद भी वो ड्यूटी करने गए। हिंसा के दौरान रतन लाल के सिर पर पत्थर लगा। उन्हें फौरन अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।

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शहीद रत्न लाल के परिवार में बारह साल की बेटी सिद्धी, दस साल की बेटी कनक और सात साल का बेटा राम है। शहीद की पत्नी ने बताया वो टीवी देख रही थीं तभी उन्हें पता चला कि उनके पति शहीद हो गए। आपको बता दें कि रतन लाल ने दिल्ली पुलिस 1998 में ज्वाइन की थी।