2 बच्चों की माँ जेनिफर हेलर ने मानवता के लिए दिया सबसे बड़ा योगदान, खुदपर COVID-19 के संभावित टीके का परीक्षण करवाने वाली पहली महिला बनी।

कोरोना वायरस से निपटने के लिए अमेरिका बाकी देशों से बहुत आगे चल रहा है। न्यूज एजेंसी एपी की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने कोरोना वैक्सीन का इंसानी परीक्षण पूरा कर लिया। सिएटल की काइज़र परमानेंट रिसर्च फैसिलिटी में सबसे पहले ये वैक्सीन दो बच्चों की मां 43 वर्षीय जेनिफर नाम की महिला को लगाया गया। वैसे तो किसी भी वैक्सीन का पहला परीक्षण जानवरों पर किया जाता है, लेकिन महामारी के असर को देखते हुए इसका सीधा इंसानों पर परीक्षण किया गया।

कोरोना वायरस का कहर बढ़ता जा रहा है। भारत सरकार ने नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि कोरोना वायरस से मुकाबला करने के लिए हम पूरी तरह तैयार हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्ष वर्धन ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है। हर्ष वर्धन ने कहा कि कोरोना वायरस की वैक्सीन की टेस्टिंग चल रही है।

चीन ने सबसे पहले सार्स-CoV-2 के जेनेटिक मटेरियल की जांच पूरी करके जनवरी में ही दुनियाभर के वैज्ञानिकों के साथ साझा कर लिया था। इसके बाद प्रोटोटाइप और अब प्रभावी वैक्सीन के परीक्षण और डेटा कलेक्शन की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ ने कहा है कि मार्च में पहला ट्रायल शुरू होने के बाद अब तीन महीन डेटा जमा करने में लगेंगे। इसके बाद अगला चरण शुरू होगा।

न्यूज एजेंसी एपी की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने कोरोना वैक्सीन का इंसानी परीक्षण कर लिया है। सिएटल की काइज़र परमानेंट रिसर्च फैसिलिटी में सबसे पहले ये वैक्सीन दो बच्चों की मां 43 वर्षीय जेनिफर नाम की महिला को लगाया गया। वैक्सीन को अमेरिकी फार्मा कंपनी मॉडर्ना ने तैयार किया और इसकी फंडिंग कर रहे नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के साथ मिलकर ट्रायल किया जा रहा है। ट्रायल में सफलता मिलने पर भी इसे तैयार करने में 18 महीने लगेंगे। सामान्य तौर पर किसी भी वैक्सीन का पहला परीक्षण जानवरों पर किया जाता है, लेकिन महामारी के असर को देखते हुए इसका सीधा इंसानों पर परीक्षण किया गया।