नई दिल्ली। देश के 46वें चीफ जस्टिस यानी रंजन गोगोई जिन्होंने राज्यसभा सदस्य के तौर पर आज शपथ ली है, हालांकि उनके नॉमिनेशन के बाद से ही लगातार उनको चौतरफा विरओध का सामना करना पड़ रहा था। जिसमें विरोधी दलों के नेताओं की ओर से ये भी कहा जा रहा था कि इस देश में न्यायपालिका की स्वतंत्रता और निष्पक्षता का बड़ा हनन होगा अगर रंजन गोगोई राज्यसभा में शपथ लेते है।वहीं देश में एक सनेरियों ये बना हुआ है कि आखिर कार देश के पीएम या फिर बीजेपी पार्टी ने देश के सबसे पुराने मुद्दें का हल निकालने वाले शख्स को उसकी ईमानदारी का ईनाम दिया है। उधर उनके राज्यसभा जाने पर ही कुछ लोगों ने तो कोर्ट का दरवाजा तक खटखटा दिया…

लेकिन आज जो देश के उच्चसदन में हुआ वो वाकई इस देश के लिए दुर्भआग्यपूर्ण रहा जहां पूर्व चीफ जस्टिस के साथ गलत व्यवहार नज़र आया है। कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के बीच देश के पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने गुरुवार को राज्यसभा की सदस्यता की शपथ ली। इस दौरान कांग्रेस समेत कई विपक्षी सासंदों ने उनका विरोध किया और नारेबाजी कर सदन का वॉक आउट किया।

इससे पहले उच्च सदन की कार्यवाही शुरू होने पर गोगोई जैसे ही शपथ लेने निर्धारित स्थान पर पहुंचे, वैसे ही विपक्षी सदस्यों ने शोर-शराबा शुरू कर दिया। हंगामे पर आपत्ति जताते हुए सभापति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि ऐसा व्यवहार सदस्यों की मर्यादा के अनुरूप नहीं है। 

गोगोई ने अंग्रेजी में शपथ ली। शपथ लेने के बाद उन्होंने सभापति और अन्य सदस्यों का अभिवादन किया। सदन में हंगामे पर सभापति नायडू ने कहा, ‘आप संवैधानिक प्रावधानों को जानते हैं, आप उदाहरणों को जानते हैं, आप राष्ट्रपति के अधिकारों को जानते हैं।’ 

नायडू ने कहा ‘आपको सदन में ऐसा कुछ नहीं करना चाहिए। किसी मुद्दे पर पर आप अपनी राय सदन के बाहर व्यक्त करने के लिए स्वतंत्रता हैं।’ कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि विपक्षी सदस्यों का आचरण “पूरी तरह से अनुचित’ था।

प्रसाद ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों के कई गणमान्य लोग इस सदन के सदस्य रहे हैं। उन लोगों में पूर्व न्यायाधीश भी शामिल हैं जिन्हें मनोनीत किया गया था। नायडू ने कहा, ‘हमें सदस्य का सम्मान करना चाहिए।’

 हालांकि पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने विरोध करने वाले नेताओं को लेकर कोई नाराज़गी नहीं दिखाई ब्लकि ये कहा कि वो जल्द ही मेरा स्वागत करेंगे। कोई आलोचक नहीं हैं।