शिमला। कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए हिमाचल में लॉकडाउन कर दिया गया है। हिमाचल में कोरोना वायरस से सोमवार को एक तिब्बती शरणार्थी की मौत हो गई। ये शरणार्थी 15 मार्च को अमेरिका की यात्रा से लौटा था। कांगड़ा में दो और मामले कोरोना के पॉजिटिव पाए गए हैं। इन सभी के बीच सीएम जयराम ठाकुर ने प्रदेश के जरूरतमंदों और गरीबों को बड़ी राहत दी है।

सीएम ने कहा कि राज्य के जरूरतमंद और गरीब लोगों को सरकारी मदद देने के लिए सरकार 500 करोड़ रुपये खर्च करेगी। सीएम ने कहा कि प्रदेश के लगभग 5 लाख 34 हजार सामाजिक सुरक्षा पेंशन धारकों को अप्रैल के पहले हफ्ते में ही प्रथम तिमाही की पेंशन जारी कर दी जाएगी, जिसमें लगभग 1 लाख 25 हजार विधवा तथा दिव्यांगजन पेंशन धारक भी शामिल हैं। इनके लिए मासिक पेंशन 850 रुपये से बढ़ाकर 1 हजार रूपये की गई है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्प संख्यक और विशेष रूप से सक्षम श्रेणी सशक्तिकरण विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं कि वह 50 हजार नए पात्र लोगों को शीघ्र ही पेंशन देने के लिए तत्काल कदम उठाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कार्यरत विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत वर्करस जैसे कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सहायिकाएं, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, सिलाई अध्यापिकाओं, मिड्-डे मील वर्कर्ज, जल रक्षक, पैरा फिटर, पैरा पम्प ऑपरेटर, नम्बरदार, पंचायत चैकीदार इत्यादि को पहली अप्रैल, 2020 से बढ़ा हुआ मानदेय जारी किया जाएगा।  उन्होंने कहा कि दैनिक वेतनभोगी तथा आउटसोर्स कर्मियों को भी बढ़ी हुई दिहाड़ी का लाभ पहली अप्रैल, 2020 से मिलना आरम्भ हो जाएगा। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि भवन एवं निर्माण कामगार बोर्ड में पंजीकृत लगभग एक लाख पचास हजार कामगारों को 2 हजार रुपये की एक मुश्त तुरन्त राहत देने का भी निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली कार्ड धारकों को दो माह का आटा तथा चावल एक साथ अग्रिम दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विधान सभा सत्र के दौरान विधायकों द्वारा विधायक क्षेत्र विकास निधि में से कोरोना वायरस से निपटने के लिए आवश्यक मास्क व सेनेटाइजर तथा अन्य आवश्यक सामग्री प्रदान करने के बारे सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिसपर सरकार ने  निर्णय लिया है कि ये सब सामग्री प्रदान करने के लिए विधायक, विधायक क्षेत्रीय विकास निधि में से संस्तुति कर सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी तक प्रदेश में जांच किए गए कुल 71 मामलों में से 69 नेगिटिव पाए गए, जबकि 2 मामले पाॅजीटिव पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि लाॅक डाउन के दौरान विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने स्तर पर कम से कम कर्मचारियों/अधिकारियों को डियूटी पर बुलाएं। उन्होंने कहा कि इस अवधि के दौरान किसी भी दिहाड़ीदार अथवा अनुबन्ध कर्मचारी के पैसे नहीं काटे जाएंगे। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को कार्यालय लाने के लिए उचित प्रावधान किया जाएगा।