शिमला। हिमाचल प्रदेश कैसे कोरोना मुक्त हो रहा है और हिमाचल सरकार का वो कौन सा मॉडल है जिसकी तारीफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कर चुके हैं। इसके बारे में सीएम जयराम ठाकुर ने खुद आजतक के ई-एजेंडा कार्यक्रम में बताया।

सीएम जयराम ठाकुर ने बताया हिमाचल सरकार कोरोना के खतरे को भांप गई थी। इसलिए कोई लेटलतीफी न करते हुए तुरंत राज्य में कर्फ्यू लागू किया गया और प्रदेश की सभी सीमाओं को सील कर दिया। राज्य में किसी को ना आने की अनुमति थी और न बाहर जाने की अनुमति थी। ये सबसे कारण है हिमाचल में कोरोना दम तोड़ रहा है।

सीएम ने कहा, सरकार ने हर हिमाचली का डेटा इकट्ठा किया और इस काम को करने के लिए 16000 हेल्थ वर्कर, आशा वर्कर, आंगनबाड़ी वर्कर लगे रहे। इन कर्मचारियों ने बहुत तेजी से एक्टिव केस फाइंडिंग की प्रोसेस पूरी की जिससे राज्य को बहुत लाभ हुआ।

एक्टिव केस फाइंडिंग

मुख्यमंत्री ने बताया कि एक्टिव केस फाइंडिंग में सरकार ने राज्य की कुल जनसंख्या को कवर करने की प्लानिंग थी। 16 हजार हेल्थ वर्कर की अलग-अलग टीमें बनाईं और उन्हें अलग-अलग एरिया दिया। ये टीमें गांव-गांव, शहर-शहर गईं। जिस भी शख्स की तबीयत थोड़ी सी खराब जैसे जुकाम या बुखार लगता तो उसका कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल लिया गया। ऐसे पूरा हिमाचल कवर किया गया।

कोटा से लाए छात्र क्वारंटीन

मुख्यमंत्री जयराम ने बताया कि राजस्थान के कोटा से लाए गए सभी छात्रों का कोरोना टेस्ट किया गया और रिपोर्ट आने तक उन्हें वहीं रखा गया। सभी छात्रों की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद सभी को होम क्वारंटीन किया गया।

तबलीगी जमातियों की वजह से फैला कोरोना

हिमाचल बहुत पहले ही कोरोना मुक्त हो जाता या यूं कहें कि हिमाचल में कोरोना वायरस इतना नहीं फैलता, अगर निजामुद्दीन मरकज के जमाती न होते। सीएम ने कहा कि हिमाचल में कुल 40 केस कोरोना वायरस के सामने आए जिनमें से 26 तबलीगी जमात से जुड़े हुए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जमातियों की ट्रैवल हिस्ट्री और उनके संपर्क में आए लोगों को आइडेंटिफाई किया गया और सभी को क्वारंटीन किया।

सीएम ने कहा कि बाहरी राज्यों में फंसे हिमाचली जो अब वापस लौट रहे हैं, अब उनका चेकअप किया जा रहा है और होम क्वारंटीन किया जा रहा है। हिमाचल में जो भी बाहर से आ रहा उन सभी की निगरानी रखी जा रही है।

मजदूरों के हित के लिए सरकार कर रही काम

सीएम ने कहा कि बहुत बड़ी संख्या में यूपी, बिहार से मजदूर हिमाचल में काम करते हैं। लॉकडाउन में 13 हजार से ज्यादा हिमाचल में फंसे मजदूरों ने सरकार से मदद मांगी और उन्हें मदद पहुंचाई भी गई। इसके अलावा जो मजदूर वापस अपने राज्य में जाना चाह रहा है तो उसे पास और पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। सीएम ने कहा कि बाहरी राज्यों में जो हिमाचली फंसे हैं उनकी वहां की सरकार के साथ मिलकर हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है।

अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा असर

हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर बहुत बड़ा असर पड़ा है। आजतक के ई-एजेडा कार्यक्रम में सीएम जयराम ने ये बात कही। सीएम ने कहा कि सेब की फसल आने वाली है। कीवी फल का सीजन शुरू होने वाला है। हॉर्टिकल्चर और एग्रीकल्चर प्रोडेक्ट को मार्केट तक पहुंचाने के लिए सरकार प्रयासरत है।

टूरिज्म पर बड़ा असर

होटल इंडस्ट्री और टूरिज्म को लॉकडाउन की वजह से बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। 2 महीने से हिमाचल में कोई भी पर्यटक नहीं आ रहा है। लॉकडाउन हटने के बाद होटल इंडस्ट्री को उठाने के लिए हर संभव मदद करेंगे।

विपक्ष कर रहा राजनीति

सीएम ने कहा कि ये समय राजनीति करने का नहीं है एक कमेटी बनाई गई है वो ऐसे लोग जो इस लॉकडाउन में फाइनेंशिल संकट में फंसे हैं उनकी मदद की जाएगी। इसके लिए सुझाव ले जा रहे हैं।

केंद्र से मिल रहा पूरा सहयोग

देश और प्रदेश एक ही संकट से गुजर रहा है। केंद्र सरकार इस संकट की घड़ी में सभी राज्यों की सरकारों को मदद दी है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी मदद मिलेगी इसकी हमें उम्मीद है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल सरकार ने एक्टिव केस फाइंडिंग के लिए जो एक्सरसाइज की है उसकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सराहना की है। पीएम मोदी ने हिमाचल के मॉडल को अन्य राज्यों की सरकारों से इस मॉडल को लागू करने की भी बात कही थी।