मंडी। गांव में आज भी समाज इकट्ठा है। लोग एक-दूसरे से मिलते जुलते हैं और मुश्किल समय में मदद करते हैं। ऐसा ही एक किस्सा हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले का है। मंडी की चौक ब्राड़ता पंचायत के परिवार के लिए गांव के लोगों ने भाईचारे और मानवता की मिसाल पेश की। गांव के लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए पकी हुई फसल को बर्बाद होने से बचाया और गेहूं को काटा।

आपको बता दें कि ये उस परिवार की फसल है जिनके लड़के की कोरोना वायरस के कारण शिमला आईजीएमसी में मौत हो गई थी। बेटे की मौत के बाद मां भी कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी। मां का इलाज चेलचौक के कोविड19 अस्पताल में चल रहा था। मृतक के संपर्क में आए परिवारवालों को भी क्वारंटीन किया गया है।

मृतक के घर पर अभी कोई नहीं है और फसल पककर तैयार थी। इस घड़ी में गांववालों ने मानवता और भाईचारे की मिसाल पेश करते हुए मिलकर फसल काटी।