जयराम सरकार ने कोविड-19 फंड की जानकारी को अब पब्लिक डोमेन में डाल दिया है जिससे आम जनता भी जान पाएगी कि कितना पैसा सरकार को इस फंड के जरिए मिला और सरकार ने अब तक कितना पैसा कहां पर खर्च किया। इससे पहले सीएम जयराम मिलने वाले फंड की जानकारी सोशल मीडिया यानि फेसबुक और ट्विटर के जरिए जनता को देते रहे हैं।

विपक्ष लगातार कोविड फंड को लेकर सरकार पर निशाना साध रहा था, लेकि अब सरकार के इस फैसले ने विरोधियों को चुप करा दिया है।

कोई भी व्यक्ति अब जान सकता है कि सीएम रिलीफ फंड में दान कहां से आया और कहाँ खर्च किया गया। इसके लिए लोगों को himachal.nic.in पर क्लिक करना होगा और तत्काल कोविड फंड से जुड़ी जानकारी उन्हें मिल जाएगी। hpsdma.nic.in के इस लिंक के तुरंत बाद कोविड-19 का पेज खुलेगा। इसमें ऑनलाइन और ऑफलाइन डोनेशन सूची सावर्जनिक होगी, जिसमें लोग देख सकते हैं कि किस व्यक्ति ने कितनी डोनेशन यहां पर दी है और कितना पैसा सरकार ने कहां पर खर्च किया है।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कुछ दिन पूर्व ही यह ऐलान किया था, जिसके बाद स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट ने सूची को पब्लिक डोमेन में ला दिया है। बताया जाता है कि वेबसाइट पर ऑनलाइन चार पेज हैं और ऑफलाइन 56 पेज की जानकारी विस्तृत रूप से दी गई है। इसमें साफ है कि राशि कहां-कहां खर्च की गई है। इस तरह से सरकार ने निर्णय लिया है कि पब्लिक डोमेन में पूरी जानकारी रहेगी और कोई भी व्यक्ति इसके बारे मे वहां से सूचना ले सकता है। यह केवल पारदर्शिता के लिए सरकार ने किया है ताकि कोई बेवजह के आरोप ना लगा सके।

परिवहन पर खर्च राशि

एचआरटीसी (HRTC) को पांच करोड़ बाहर फंसे लोगों को लाने के लिए, परिवहन विभाग को पांच लाख फंसे लोगों को लाने, कोंकण रेलवे को 10 लाख 26 हजार, कोंकण रेलवे को दो लाख 88 हजार 800 रूपए, कोंकण रेलवे को नौ लाख 96 हजार 480, साउथ वेस्ट रेलवे 11 लाख चार हजार, वेस्टर्न रेलवे को नौ लाख 20 हजार, पशुपालन विभाग को 20 लाख की पीपीई किट तथा मंडलायुक्त शिमला को 25 हजार रुपए की राशि सेनिटाइजर व मास्क की खरीद के लिए दी है।

इस आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार कुल 78 करोड़ 39 लाख 57 हजार 435 रुपए की राशि में से 13 करोड़ 34 लाख 06 हजार 343 रुपए जारी की गई है। शेष राशि 65 करोड़ पांच लाख 51 हजार 092 की है। पुलिस को 50 लाख पीपीई किट की खरीद के लिए, डीजीपी एचपी को चार करोड़ 61 लाख 80 हजार होम गार्ड की तैनाती के लिए, डीजीपी-एचपी 50 लाख पीपीई किट की खरीद को दिए गए हैं। इसके अलावा होमगार्ड-डिफेंस को 40 लाख पीपीई किट के लिए दिए गए हैं।

आपको हम बता दें कि हिमाचल भवन चंडीगढ को पांच लाख रुपए वहां पर फंसे लोगों के प्रबंधन के लिए, दिल्ली हिमाचल भवन को पांच लाख रुपए, कुल्लू जिला को 10 लाख 27 हजार, चंबा 23 लाख 40 हजार, किन्नौर को 16 लाख 50 हजार, एमसी शिमला को एक करोड़ पीपीई किट के लिए जारी किए हैं।