शिमला। हिमाचल के निजी बस आप्रेटर्ज ने सोमवार से प्राइवेट बसें नहीं चलाने का ऐलान किया है। ये फैसला एक सप्ताह से लगातार हो रहे घाटे के कारण लिया गया। हिमाचल प्रदेश निजी बस ऑप्रेटर संघ की बैठक वीडियो कॉन्फ्रैंस के माध्यम से प्रदेश अध्यक्ष राजेश पाराशर की अध्यक्षता में हुई। बैठक में संघ के विभिन्न पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से विभिन्न निर्णय लिए।

संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि जब तक सरकार निजी बस ऑप्रेटर्स की मांगें पूरी नहीं करती, उनकी समस्याओं पर गौर नहीं करती तथा उसका सकारात्मक निर्णय नहीं लेती तब तक हिमाचल प्रदेश में कोई भी निजी बस नहीं चलेगी। संघ के प्रदेश महासचिव रमेश कमल ने कहा कि सभी जिला की यूनियन के पदाधिकारियों ने एकमत से कहा कि हिमाचल प्रदेश में लॉकडाउन और वैश्विक महामारी कोरोना के चलते सवारियां नहीं मिल रही हैं। इस कारण जब तक सरकार द्वारा निजी बस ऑप्रेटरों के हित में कोई सकारात्मक फैसला नहीं किया जाता तब तक हिमाचल प्रदेश के अंदर निजी बस ऑप्रेटर अपनी बसें नहीं चलाएंगे।

सामाजिक दूरी के चलते 60 प्रतिशत सीटिंग कपैसिटी में बसें चलानी हैं तो उसके लिए वह तैयार हैं लेकिन जो 40 प्रतिशत सीटें बचती हैं, उसका किराया सबसिडी के रूप में सरकार वहन करे। न्यूनतम किराए में वृद्धि करके कम से कम 10 रुपए किया जाए। इसके अतिरिक्त कोविड-19 के चलते पहले 5 किलोमीटर 10 रुपए,  5 से 10 किलोमीटर तक 20 रुपए और 10 से 15 किलोमीटर तक 30 रुपए किराया निर्धारित करें। अतिरिक्त सामान्य किराए में कम से कम 50 प्रतिशत की वृद्धि करें तभी हिमाचल प्रदेश की निजी बस ऑप्रेटर अपनी बसों को चलाने में सक्षम होंगे।