काँगड़ा। हिमाचल प्रदेश के बागबानों के लिए यह सुखद समाचार है कि इस बार सरकार ने आम का समर्थन मूल्य साढ़े आठ रुपये कर दिया है। यह कहना है नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया का। राकेश पठनिया ने जानकारी देते हुए कहा की इस बार आम का ऑन सीज़न होने के कारण आम की बम्पर फसल हुई है, लेकिन कोविड-19 के चलते बागवानों को अपनी फसल की सही कीमत ना मिलने का डर सता रहा था। ऐसे में सरकार ने इन बागवानों को साढ़े आठ रुपये प्रति किलो समर्थन मूल्य का एलान कर उनकी चिंता को खत्म कर दिया।


ग़ौरतलब है कि जब भी आम की बम्पर फसल होती है उस समय इनका भाव जमीन सूंघ जाती है और कई बार तो दो-ढाई किलो रुपये की कीमत पर मंडियों ने इनकी बिक्री होती है। ऐसे में सरकार का यह ऐलान इन बागवानों के लिए संजीवनी से कम नहीं है।


विधायक राकेश पठानिया ने बताया कि किसान-बागवान देश की रीढ़ की हड्डी है और जब किसान-बागवान समृद्ध होगा तो देश समृद्ध होगा और प्रदेश सरकार किसान-बागवान की हितैषी सरकार है। जहां दूसरे देश औद्योगिक क्षेत्रों पर निर्भर हैैं।