शिमला। शुक्रवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में होने वाली हिमाचल कैबिनेट की बैठक आयोजित में कॉलेजों में छठे सेमेस्टर की परीक्षाओं का शेड्यूल तय हो सकता है। यूजीसी की गाइडलाइन को लेकर शिक्षा विभाग ने नए सिरे से प्रस्ताव तैयार किया है। छठे सेमेस्टर के तहत प्रदेश में करीब 40 हजार विद्यार्थियों की परीक्षाएं ली जानी हैं। संभावित है कि मंत्रिमंडल बैठक में विश्वविद्यालय को परीक्षाएं आयोजित करवाने को लेकर हरी झंडी मिल जाएगी।

इसके अलावा सीबीएसई की तर्ज पर नौवीं से जमा दो कक्षा का सिलेबस कम करने को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है।

सरकारी स्कूल-कॉलेजों में शिक्षकों को बुलाने की तारीख शुक्रवार को मंत्रिमंडल बैठक में तय हो सकती है। वीरवार शाम को शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने विभागीय अधिकारियों से चर्चा कर प्रस्ताव तैयार कर लिया है। मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद तारीख तय की जाएगी।

कोरोना संक्रमण को लेकर लापरवाही बरतने वालों के लिए नियम कड़े किए जाएंगे। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अध्यादेश तैयार किया है। इसे मंजूरी के लिए विधि विभाग के पास भेजा है। विधि विभाग इसे क्लीयरेंस देता है तो शुक्रवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में इसे मंजूरी के लिए लाया जाएगा। कोरोना काल में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ इस अध्यादेश में जुर्माने से लेकर सजा तक का प्रावधान किया है। 

सरकार ने जब से कर्फ्यू में छूट दी है, तब से लोग कोरोना को हल्के में ले रहे हैं। सार्वजनिक स्थानों में लोग बिना मास्क घूम रहे हैं, जबकि कई लोग नाक-मुंह ढंकने के बजाय मास्क को गले में बांधकर औपचारिकता पूरी कर रहे हैं। इसके  अलावा हाथ मिलना और इधर-उधर थूकने पर भी लोग गुरेज नहीं कर रहे हैं। सार्वजनिक स्थानों में लोग सामाजिक दूरी के बजाय लोग साथ-साथ चलने शुरू हो गए हैं। कानून लागू किए जाने से इन पर आसानी से प्रतिबंध लगाया जा सकेगा। अगर कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता है तो उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो सकेगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान ने कहा कि कोरोना को लोग हल्के में लेने लगे हैं। इसके चलते कानून बनाया जा रहा है। अध्यादेश तैयार कर विधि विभाग को भेजा गया है।