शिमला। मानसून के चलते हिमाचल में भारी बारिश से कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कुल्लू जिले में गुरुवार रात से ही हो रही भारी बारिश के कारण करीब एक दर्जन सड़कें भूस्खलन, मलबा व पत्थर गिरने से बाधित हो गई हैं। तेज बारिश के कारण व्यास नदी भी ऊफान पर है।

तीन दिनों से हो रही बारिश से किसानों-बागवानों के मुरझाए चेहरे एक बार फिर खिल गए हैं। रोहतांग दर्रा के साथ ऊंची चोटियों में ताजा बर्फ के फाहे गिरने से लाहौल में तापमान गिरा है। जिले के संपर्क मार्गों के साथ कुल्लू-मनाली व वामतट के साथ मनाली-लेह मार्ग में भी मलबा व पत्थर गिरने की सूचना है। जिले में बारिश से 22 बिजली के ट्रांसफार्मर भी ठप पड़े हैं। हालांकि, बारिश सेब के साथ मटर, मक्की व दलहन फसलों के लिए अच्छी मानी जा रही है।
जिले में इस बार कम बारिश होने से किसान-बागवानों के साथ लोगों की चिंता बढ़ना शुरू हो गई थी। लेकिन कुल्लू व लाहौल-स्पीति में तीन दिनों से हो रही बारिश से बड़ी राहत मिली है।