कांगड़ा। इस कोरोना काल ने करोड़ों लोगों को बुरे दिन देखने को मजबूर कर दिया। गुजारा करने वालों को तो कोरोना ने भिखारी बना दिया जो अच्छा खासा कमाते थे अब उन्हें भी दिहाड़ी मजदूरी करनी पड़ रही है।

हम बात कर रहे हैं कांगड़ा जिले से ताल्लुक रखने वाले उस नामी पहलवान देशराज उर्फ गोलू की जो कभी दंगल की शान हुआ करता था। एक झटके में हजारों रुपये, एक महीने में लाखों रुपये कमाने वाला पहलवान आज कोरोना काल में मजदूरी करने को मजबूर है।

दरअसल गोलू इन दिनों मंडी में कुली का काम कर रहा है और ये काम भी उसे कड़ी मशक्कत के बाद मिला है। नूरपुर के रहने वाले गोलू पहलवा ने बताया कि कोरोना के कारण अब दंगल नहीं हो रहे हैं इसलिए उनकी आजीविका बंद हो गई। वो पेशेवर पहलवान हैं और दंगल के दम पर ही परिवार पालते थे, लेकिन कोरोना काल में छाई मंदी ने सब तबाह कर दिया।

गोलू अभी मंडी में एक गोदाम में कुली का काम करता है और महीने में मुश्किल से 8-10 हजार रुपये कमा लेता है। गोली ने राज्य सरकार से गुहार लगाते हुए कहा कि छिंज मेले भी शुरू करने की इजाजत दी जाए।