मंडी। हिमाचल प्रदेश सरकार पर 54 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज है, लेकिन फिर भी अफसरों के पास वीवीआईपी नंबर वाली लग्जरी कारें हैं. न्यूज 18 हिमाचल में छपी खबर के अनुसार, धर्मपुर में 27 लाख रुपये की एक गाड़ी अधिशासी अभियंता (आईपीएच) के नाम पर खरीदी गई. आरोप है कि गाड़ी का उपयोग मंत्री के बेटे कर रहे हैं और वह इसी से कार्यक्रमों में शिरकत करते हैं. यह टोयोटा इनोवा क्रिस्टा टॉप मॉडल की गाड़ी इसी साल मार्च में पंजीकृत हुई है. इसके लिए 1 लाख रुपये देकर VVIP नम्बर भी लिया गया है.

न्यूज 18 वेबसाइट ने लिखा है कि आरटीआई के माध्यम से पता चला है कि केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन योजना से 27 लाख की एक टोयोटा और दो बोलेरो गाड़ियां खरीदने के लिए 40 लाख रुपये से भी अधिक खर्च किया गया है. आरटीआई एक्टिविस्ट और कांग्रेस नेता भूपेंद्र ठाकुर ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जब से उक्त लग्जरी गाड़ी खरीदी गई है, तब से लेकर आज तक धर्मपुर, संधोल, सरकाघाट, मनाली और करसोग से लेकर कई स्थानों पर सीसीटीवी फुटेज चेक की जाए, हर फुटेज में मंत्री का बेटा ही इस गाड़ी में घूम रहा है.

वहीं आरएलए एवं एसडीएम (धर्मपुर) सुनील वर्मा ने कहा कि एचपी 86 0006 के लिए वीआईपी नंबर देने को लेकर अधिशासी अभियंता (भराड़ी, धर्मपुर) की ओर से 1 लाख रुपये जारी किए गए हैं. आपको बता दें कि धर्मपुर से कैबिनेट में सीएम के बाद दूसरा स्थान रखने वाले जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर विधायक हैं और मंत्री के बेटे रजत ठाकुर ने इन आरोपों को खारिज किया है.