रोहतांग। अटल टनल रोहतांग के उत्तरी पोर्टल में पीर पंजाल की पहाड़ी में जल्द ही सैलानी देश की सबसे ऊंची भगवान बुद्ध की विशाल प्रतिमा का दीदार कर पाएंगे। 3200 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित टनल के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाहौलियों को करीब 500 करोड़ रुपये की एक और बड़ी परियोजना की सौगात देने जा रहे हैं।

टनल के नॉर्थ पोर्टल से कुछ ही दूरी पर पीरपंजाल की पहाड़ी कुरेद (कार्विंग) कर अफगानिस्तान के बामियान की तर्ज पर भगवान बुद्ध की 328 फीट (100 मीटर) ऊंची प्रतिमा बनाई जाएगी। इस पर करीब 500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस प्रोजेक्ट को खुद प्रधानमंत्री सहमति दे चुके हैं।  हिमाचल सरकार के इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने अपनी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।

प्रतिमा का निर्माण केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की देखरेख में गुजरात की एक निजी फर्म को सौंपा जाएगा। सिस्सू गांव के पार विख्यात वॉटर फाल के पास पीरपंजाल की पहाड़ी को कुरेद कर बुद्ध प्रतिमा बनाई जाएगी। हिमाचल के पर्यटन सचिव देवेश कुमार के मुताबिक हजारों साल पहले अफगानिस्तान के बामियान में बुद्ध की प्रतिमा बनाने के लिए जिस कार्विंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया था उसी तर्ज पर लाहौल में प्रतिमा बनेगी।

तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने बताया कि पहाड़ के एक हिस्से को पहले समतल किया जाएगा, फिर रॉक कार्विंग तकनीक से बुद्ध भगवान की विशाल प्रतिमा पहाड़ पर उकेरी जाएगी। इससे जनजातीय इलाके में टूरिज्म को संजीवनी मिलेगी। मारकंडा के मुताबिक पहाड़ में रॉक टेस्टिंग की प्रक्रिया पूरी हो गई है। सिस्सू में जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रतिमा के प्रस्तावित स्थान को दिखाया जाएगा। पहाड़ के जिस हिस्से में प्रतिमा का निर्माण होना है, ठीक उसके वामतट पर प्रधानमंत्री की जनसभा होगी।