हमीरपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर के डायरेक्टर प्रोफेसर विनोद यादव को पद से हटाने के बाद अब उनकी सेवाएं भी बर्खास्त कर दी गई हैं. अगले तीन महीने तक उन्हें वेतन मिलेगा और इसके बाद उनकी सेवाएं समाप्त हो जाएंगी.

कुछ महीने पहले संस्थान में नौकरी में चहेतों को रखने और अनियमितताएं बरतने पर अब उनकी सेवाएं खत्म कर दी गई हैं. जानकारी के अनुसार केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने यह आदेश जारी कर दिए हैं. एनआईटी जालंधर के डायरेक्टर प्रोफेसर ललित अवस्थी को एनआईटी हमीरपुर का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है.

बता दें कि संस्थान में भर्ती के दौरान अनियमितताओं बरतने को लेकर विवाद के चलते विनोद यादव के खिलाफ जांच चल रही थी. केंद्रीय मंत्रालय के अनुसार, विनोद यादव के खिलाफ कई शिकायतें मिली थी, जिनकी जांच चल रही थी. उन्हें पांच साल के लिए निदेशक नियुक्त किया गया था. 13 जुलाई को एक जांच कमेटी बनाई गई थी, जिसकी प्रारंभिक जांच में उनके खिलाफ लगाए गए आरोप कमेटी ने स्वीकार किए हैं.

विनोद यादव की नियुक्ति 23 मार्च 2018 में हुई थी और उनका कार्यकाल वर्ष 2023 तक था. मंत्रालय की ओर से जारी प्रेस रिलीज में कहा गया कि कमेटी की ओर से विनोद यादव पर लगे आरोप सही पाए गए हैं. ऐसे में अब उनके खिलाफ आगामी जांच होगी. कमेटी की सिफारिशों पर विनोद यादव को सेवाओं से मुक्त किया जाता है.