शिमला। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने बुधवार को कहा कि रोहतांग सुरंग के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा रखी गयी आधारशिला पट्टिका सुरंग का निर्माण करने वाली कंपनी के पास सुरक्षित रखी हुयी है।

कांग्रेस की हिमाचल प्रदेश इकाई ने सोमवार को आरोप लगाया था कि एक दशक पहले सुरंग के लिए सोनिया गांधी द्वारा रखी गयी आधारशिला पट्टिका को तीन अक्टूबर के उस कार्यक्रम से पहले हटा दिया गया जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उसका उद्घाटन करना था। इस आरोप के दो दिन बाद पुलिस ने यह स्पष्टीकरण दिया है।

कुल्लू के पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने कहा कि सीमा सड़क संगठन ने सुरंग का निर्माण करने वाली कंपनी एसएजेवी की कार्यशाला में पट्टिका रख दिया था ताकि निर्माण के दौरान वह क्षतिग्रस्त नहीं हो सके।

सिंह ने कहा कि लाहौल-स्पीति पुलिस को लापता पट्टिका के संबंध में जिला कांग्रेस से शिकायत मिली थी और इस शिकायत को कुल्लू पुलिस को भेज दिया गया।
उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यह पाया गया कि पट्टिका सुरक्षित है और कार्यशाला में है।

इससे पहले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को लिखे एक पत्र में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौड़ ने सोमवार को कहा कि सोनिया गांधी ने 28 जून 2010 को तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और केंद्रीय मंत्री वीरभद्र सिंह की उपस्थिति में आधारशिला रखी थी।

इस सुरंग का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखा गया है। उन्होंने जून 2000 में लाहौल-स्पीति के केलोंग में एक जनसभा के दौरान इस परियोजना की घोषणा की थी।
उन्होंने 2002 में सुरंग के लिए एक संपर्क मार्ग की आधारशिला रखी थी। कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर एक पखवाड़े के अंदर पट्टिका नहीं लगायी गयी तो पार्टी राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेगी।

हिमाचल कांग्रेस प्रमुख ने दो पृष्ठों के अपने पत्र में कहा था, ‘‘भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में अब तक ऐसा अलोकतांत्रिक, अपारंपरिक और अवैध कदम नहीं नजर आया कि तत्कालीन सरकार द्वारा मंजूर किसी भी परियोजना के लिए वैध रूप से रखी गयी आधारशिला (पट्टिका) को उसके पूरा हो जाने के बाद खास विचारधारा के राजनीतिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए हटा दिया गया। ’’ मनाली प्रखंड कांग्रेस के अध्यक्ष हरिचंद शर्मा ने इस संबंध में कुल्लू पुलिस से शिकायत की थी।