शिमला। हिमाचल के बहुचर्चित कोटखाई गैंगरेप और मर्डर मामले में सीबीआई जांच से नाखुश गुड़िया का परिवार अब हाईकोर्ट पहुंचा है। पीड़ित परिवार ने पुर्नविचार याचिका दाखिल की है. मृतका के मां-बाप का कहना है कि वो सीबीआई जांच से संतुष्ट नहीं है और हाईकोर्ट के किसी सिटिंग जज से मामले की जांच करवाना चाहते हैं.

क्या है मामला
4 जुलाई 2017 को 10वीं क्लास की छात्रा गुड़िया (बदला हुआ नाम) स्कूल से घर आते समय लापता हो जाती है. 6 जुलाई को शिमला के कोटखाई में दांदी जंगल में 16 साल की नाबालिग छात्रा का क्षत-विक्षत शव मिलता है. पीड़ित परिवार को इंसाफ की मांग के लिए लोग सड़कों पर आए और प्रदर्शन किए, उस समय राज्य में कांग्रेस की सरकार थी और वीरभद्र सिंह मुख्यमंत्री थे। पुलिस ने मामले में 13 जुलाई को सूरज समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया, लेकिन 5 दिन बाद कोटखाई थाने के लॉकअप में सूरज की हत्या हो गई. पुलिस ने इसका आरोप दूसरी आरोपी राजू पर लगाया. 19 जुलाई को सूरज हत्या मामले में एफआईआर दर्ज की गई। इस मामले में पूर्व आईजी जहूर जैदी, डीएसपी मनोज जोशी के अलावा 6 अन्य पुलिसकर्मी सस्पेंड है और जेल में हैं।

मामला बढ़ता देख तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी। सीबीआई ने गुड़िया गैंगरेप और हत्या मामले में मामले में एक चिरानी नीलू को गिरफ्तार किया. उसे ही इस हत्या और दुराचार का आरोपी बनाकर मामले में कोर्ट में चालान पेश किया. अब कोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही है. वहीं, मामले के एक आरोपी सूरज कस्टोडियल डेथ केस में चंडीगढ़ में सुनवाई चल रही है.