मनाली। कुल्लू में अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव का रविवार से आगाज होगा. शनिवार को मां हडिम्बा मनाली से कुल्लू के लिए रवाना हुई हैं. दशहरा उत्सव में घाटी के सभी देवी-देवता भाग लेते हैं, लेकिन पर्यटन नगरी मनाली की आराध्य देवी माता हिडिम्बा का दशहरा उत्सव में सबसे अहम रोल है और उनके पहुंचने के बाद ही दशहरा का आगाज होता है. ऐसा माना जाता है माता हिडिम्बा राजघराने की दादी हैं.

देव महाकुम्भ के लिए देवी हिडिम्बा अपने कारकूनों और हरियानों के साथ दशहरे में भाग लेने के लिए अपने स्थान मनाली से निकल पड़ी हैं. हालांकि, इस बार कुल्लू दशहरा पर भी कोरोना वायरस का असर साफ देखा जा रहा है. सिर्फ सात ही देवी-देवाताओं को ही दशहरा में आने अनुमति है. सभी हरयानों और कारकूनों का कोरोना टेस्ट भी लिया गया और जिन लोगों की कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आई है उन्हें ही माता के साथ जाने की अनुमति दी गई है.

हिडिम्बा माता के कारदार रद्युवीर नेगी ने बताया की इस बार कोरोना वायरस के कारण माता के साथ उन्हीं लोगो को कुल्लू दशहरे में जाने की अनुमति दी गई है, जिनकी कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव है. भगवान रघुनाथ जी की रथयात्रा में भी 15 लोगों को ही अनुमति दी गई है.

रविवार सुबह देवी हिडिम्बा कुल्लू पंहुचेगी. वहां पर भगवान रघुनाथ जी की छडी माता को लेने के लिए रामशिला नामक स्थान पर लाई जाएगी, जंहा से फिर माता भगवान रघुनाथ के मन्दिर के लिये प्रस्थान करेंगी.