कुल्लू। भगवान रघुनाथ की रथयात्रा के साथ ही सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव का आगाज हो गया. कोरोना के कारण इस बार उत्सव में पहले जैसी रौनक नहीं है. हजारों की बजाय इस बार सिर्फ 200 लोगों ने ही भगवान रघुनाथ का रथ खींचा.

रथ पर विराजमान रघुनाथ को ढालपुर स्थित अस्थायी शिविर में लाया गया. रथ के दाईं ओर पीज के अधिष्ठाता देवता जमदग्नि ऋषि चले. इसके अलावा देवी हिडिंबा, बिजली महादेव, देवता आदी ब्रह्मा, लक्ष्मी नारायण, देवता गोहरी, त्रिपुरा सुंदरी और देवता धूमल समेत आठ देवी-देवताओं ने रथयात्रा में शिकरत की. हालांकि दशहरे में इस बार कुल 11 देवी-देवता पहुंचे हैं.

सीएम जयराम ने दी बधाई

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रदेशवासियों को दशहरा उत्सव की बधाई दी और कहा कि इस बार कुल्लू में दशहरा उत्सव पहले जैसे नहीं मनाया जा रहा क्योंकि कोरोना का समय है.

क्या है मान्यता ?

मान्यता है कि भगवान रघुनाथ का रथ खींचने से पापों से मुक्ति मिलती है. अगले सात दिनों तक लोग भगवान रघुनाथ के दर्शन करेंगे. इस मौके पर शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर, विधायक सुरेंद्र शौरी, सुंदर सिंह ठाकुर, उपायुक्त कुल्लू ऋचा वर्मा, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह, एडीएम कुल्लू एसके पराशर, युवराज बोध, एसडीएम कुल्लू डॉ. अमित गुलेरिया समते कई लोग मौजूद रहे.