बिलासपुर। हिमाचल के बिलासपुर जिले के कोठीपुरा में 250 एकड़ भूमि पर लगभग 1500 करोड़ रुपये से निर्माणाधीन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में अगले महीने यानी दिसंबर से पहला सत्र शुरू हो रहा है.

पहले चरण में एमबीबीएस की 50 सीटें भरी जाएंगी. जनवरी 2021 से एम्स में ओपीडी शुरू होगी. इसके लिए मशीनरी और स्वास्थ्य उपकरण पहुंचने शुरू हो गए हैं. ओपीडी के लिए दिल्ली एम्स 100 नर्सों की भर्ती कर रहा है. पीजीआई चंडीगढ़ ने 16 सीनियर रेजिडेंट और फैकल्टी सहित अन्य जरूरी स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है.

नए साल से एम्स में जनरल मेडिसिन, रेडियोलॉजिस्ट, गायनी, ईएनटी, कार्डियक, पैथोलॉजी और बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी शुरू होगी. उल्लेखनीय है कि इस परियोजना को 30 सितंबर 2021 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन कोरोना के चलते अब इसे साल 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

कोठीपुरा एम्स में अगले माह से पहला सत्र शुरू होगा. इसमें पहले चरण में अंडर ग्रेजुएट एमबीबीएस की 50 सीटें भरी जाएंगी. नए साल से ओपीडी शुरू की जाएगी. जरूरी प्रक्रिया पूरी की जा रही है. इसमें स्टाफ की भर्ती से लेकर ओपीडी में स्वास्थ्य उपकरण और जरूरी मशीनरी फिट करना शामिल है. – सुखदेव नाघ्याल, निदेशक एम्स 

एम्स में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस 750 बिस्तर का अस्पताल बनेगा. इसमें 30 ट्रॉमा बेड, 80 आईसीयू बेड, 20 ऑपरेशन थियेटर, 20 स्पेशिएलिटी और सुपर स्पेशिएलिटी विभाग के साथ अत्याधुनिक उपकरण जैसे सीटी स्कैन, एमआरआई, कैथ लैब इत्यादि होंगे. परिसर में आवासीय छात्रावास जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी.

इसी परिसर में आयुष भवन भी स्थापित होगा। इसमें मरीजों का गैर एलोपैथी विधाओं से भी इलाज किया जाएगा। इस भवन में होम्योपैथी, आयुर्वेद और यूनानी पद्धति से भी मरीजों का इलाज होगा। इसके लिए 30 बेड का एक वार्ड बनाया जा रहा है.

साभार : अमर उजाला