हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा मुहैया करवाने के उद्देश्य से राज्य सरकार को आदेश दिए कि वह अध्यापकों को निजी स्कूलों के अध्यापकों की तरह काम करने के लिए प्रोत्साहित करे। मुख्य न्यायाधीश एल नारायण स्वामी व न्यायाधीश अनूप चिटकारा की खंडपीठ ने सरकारी स्कूलों में अध्यापकों की कमी से जुड़े जनहित मामले का निपटारा करते हुए यह आदेश दिए। कोर्ट ने सरकार को एक टाइम शेड्यूल के तहत शिक्षकों के खाली पड़े पदों को भरने के आदेश भी दिए।

कोर्ट ने सरकार द्वारा तय टाइम शेड्यूल की अक्षरश: अनुपालना करने के आदेश दिए जिसके तहत खाली पदों को भरने के लिए वर्ष में पहले विज्ञापन के समय प्रत्येक वर्ष की 28 फरवरी तक खाली पदों को भरने की मांग कर्मचारी चयन आयोग को देने की बात कही गई है। इसके तहत स्क्रीनिंग टेस्ट अप्रैल माह में करवाने व अंतिम चयन प्रक्रिया जून माह के अंत तक करने को कहा गया है।
इसी तरह वर्ष में दूसरे विज्ञापन के समय 30 जून तक खाली पदों को भरने की मांग कर्मचारी चयन आयोग को देने की बात कही गई है। इसके तहत स्क्रीनिंग टेस्ट अगस्त माह में करवाने व अंतिम चयन प्रक्रिया अक्तूबर माह के अंत तक करने को कहा गया है। सरकार ने कोर्ट को बताया है कि शीघ्र ही जेबीटी के 1937 पद, 791 पद भाषा अध्यापक व 1512 पद शास्त्री अध्यापकों के भरे जा रहे हैं। सरकार ने कोर्ट को यह भी बताया कि जिन स्कूलों में छात्रों की संख्या 100 से कम है वहां कला व शारिरिक अध्यापकों की भर्ती नहीं की जा रही है।

साभार- अमर उजाला